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मौदहा के करगांव लेखपाल के स्थानांतरण का मुद्दा चर्चा में 

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट

मौदहा हमीरपुर।31 मार्च मौदहा तहसील क्षेत्र के गांव करगांव में तैनात लेखपाल के स्थानांतरण की ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से की जा रही मांग के बावजूद इसका स्थानांतरण न किया जाना इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।

गांव करगांव निवासी श्यामबाबू, मनोज, पंकज सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया है कि उनके गांव में तैनात लेखपाल वसुंधरा यादव द्वारा सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर ग्रामीणों ने धन उगाही की जाती है। इसके अलावा गांव में जमीनों की पैमाइश पर दोनों पक्षों से पैसा लेकर गांव का सौहार्द बिगाड़ने का काम किया जाता है। ऐसे में ग्रामीणों ने इसकी शिकायत तहसील से जिला स्तरीय अधिकारियों से की लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने 03 फरवरी 26 को चित्रकूट धाम के कमिश्नर से लेखपाल की शिकायत करते हुए इसे हटाने की मांग की थी। जिसमें उन्होंने लेखपाल की जांच कराते हुए अन्यत्र स्थानांतरित करने की आख्या सात दिनों में मांगी थी। किसी प्रकार की कार्रवाई न होने पर 06 मार्च 26 को ग्रामीणों ने पुनः कमिश्नर से शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने लेखपाल वसुंधरा यादव को करगांव से हटाकर इसकी तैनाती दूसरे तहसील में करने के निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिए थे। इसके बावजूद इस लेखपाल का स्थानांतरण नहीं हुआ है। ऐसे में इन ग्रामीणों और क्षेत्रीय लोगों में इस असरदार लेखपाल की अपने उच्च अधिकारियों से तगड़ी सांठगांठ होने की चर्चाओं का बाजार गरम है।इन ग्रामीणों का मानना है कि मंडलायुक्त के स्पष्ट आदेश के बाद भी लेखपाल का स्थानांतरण न होना योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को धता बताकर आम जनमानस में प्रदेश सरकार की छवि को बिगाड़ने की बड़ी साज़िश है।

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